वृक्काणु (नेफ्रॉन) का चित्र कैसे बनाएँ और नामांकित करें (स्टेप बाय स्टेप)
वृक्काणु (नेफ्रॉन) वृक्क (किडनी) की छनन इकाई है, और इसका चित्र कक्षा 10 जीव विज्ञान (जैव प्रक्रम, उत्सर्जन) में अक्सर पूछा जाता है। यह उलझा हुआ दिखता है, पर असल में यह एक लंबी नली है जिसके शुरू में एक कप है। नीचे के स्टेप्स इसी नली को शुरू से अंत तक बनाते हैं।

वृक्काणु (नेफ्रॉन) का पूरा नामांकित चित्र, सभी 7 भागों के नाम हिंदी में। नीचे के स्टेप्स इसे एक-एक भाग करके बनाते हैं।
वृक्काणु (नेफ्रॉन) क्या करता है
रक्त केशिका गुच्छ (ग्लोमेरुलस) में छनता है, जो बोमन संपुट के अंदर पतली रुधिर वाहिकाओं की गाँठ है। जैसे-जैसे छनित द्रव नलिका में आगे बढ़ता है, ग्लूकोज़, अमीनो अम्ल, लवण और अधिकांश जल जैसे उपयोगी पदार्थ वापस रक्त में ले लिए जाते हैं। जो बचता है वह मूत्र है, जो संग्राहक वाहिनी में चला जाता है।
8 स्टेप्स में बनाइए
पेंसिल नुकीली रखें और पहले हल्के हाथ से बनाइए। हर चित्र में लाल वह भाग है जो इस स्टेप में बनाना है, और स्लेटी वह जो पहले बन चुका है।

बोमन संपुट
मोटी दीवार वाला एक गोल कप बनाइए: एक बड़ा वृत्त और उसके अंदर दूसरा वृत्त, जो ऊपर दाईं ओर खुला हो, जहाँ से नलिका निकलती है।
बनने वाले भाग: बोमन संपुट

केशिका गुच्छ
कप के अंदर केशिका गुच्छ बनाइए: पतली कुंडलित रुधिर वाहिकाओं की कसी हुई गाँठ।
बनने वाले भाग: केशिका गुच्छ

रुधिर वाहिकाएँ
ऊपर बाईं ओर वे छोटी रुधिर वाहिकाएँ बनाइए जो रक्त को केशिका गुच्छ में लाती और बाहर ले जाती हैं।
बनने वाले भाग: रुधिर वाहिकाएँ

समीपस्थ कुंडलित नलिका
कप के ऊपर दाईं ओर से एक नली बनाइए जो S-आकार के मोड़ों में ऊपर, आगे और नीचे घूमती है: यह समीपस्थ कुंडलित नलिका है।
बनने वाले भाग: समीपस्थ कुंडलित नलिका

हेनले का लूप: नीचे जाता भाग
नली पतली होकर सीधी नीचे जाती है: यह हेनले के लूप की अवरोही भुजा है।
बनने वाले भाग: हेनले का लूप

हेनले का लूप: ऊपर आता भाग
नीचे नली को U की तरह मोड़िए और सीधा ऊपर ले आइए: यह आरोही भुजा है।

दूरस्थ कुंडलित नलिका
ऊपर नली को एक और S-मोड़ में घुमाइए और दाईं ओर की लंबी नली से जोड़ दीजिए: यह दूरस्थ कुंडलित नलिका है।
बनने वाले भाग: दूरस्थ कुंडलित नलिका

संग्राहक वाहिनी
दाईं ओर लंबी सीधी संग्राहक वाहिनी बनाइए, जिसमें एक छोटी शाखा हो जहाँ दूसरा वृक्काणु जुड़ता है।
बनने वाले भाग: संग्राहक वाहिनी
नामांकित करने वाले भाग (7) और उनका कार्य
- रुधिर वाहिकाएँ (Blood vessels) वृक्क धमनी की एक शाखा रक्त को छनने के लिए केशिका गुच्छ तक लाती है, और दूसरी वाहिका उसे बाहर ले जाती है।
- बोमन संपुट (Bowman's capsule) वृक्काणु का कप जैसा आरंभिक भाग। यह केशिका गुच्छ को घेरता है और छनित द्रव इकट्ठा करता है।
- केशिका गुच्छ (Glomerulus) बोमन संपुट के अंदर पतली रुधिर केशिकाओं का गुच्छा, जहाँ रक्त छनता है।
- समीपस्थ कुंडलित नलिका (Proximal convoluted tubule) नलिका का पहला कुंडलित भाग। यहाँ ग्लूकोज़, अमीनो अम्ल, लवण और बहुत-सा जल वापस रक्त में लिया जाता है।
- हेनले का लूप (Loop of Henle) नलिका का U-आकार का भाग। यह और जल वापस लेता है, जिससे मूत्र गाढ़ा होता है।
- दूरस्थ कुंडलित नलिका (Distal convoluted tubule) नलिका का दूसरा कुंडलित भाग। यह बचे हुए लवण और जल की मात्रा ठीक करता है।
- संग्राहक वाहिनी (Collecting duct) कई वृक्काणुओं से मूत्र इकट्ठा करके उसे मूत्रवाहिनी की ओर ले जाती है।
हर नाम चित्र के किनारे लिखिए और उसे उसके भाग से एक सीधी रेखा द्वारा जोड़िए। रेखाएँ एक-दूसरे को काटें नहीं।
वृक्काणु (नेफ्रॉन) का बिना नामांकन वाला चित्र (अभ्यास के लिए)
वही चित्र, जिसमें नामांकन रेखाएँ हैं पर नाम नहीं। हर रेखा पर भाग का नाम लिखिए, फिर ऊपर के नामांकित चित्र से मिलाइए।

परीक्षा के लिए सुझाव
- बोमन संपुट को मोटी दोहरी दीवार वाले कप की तरह बनाइए, फिर उसके अंदर केशिका गुच्छ बनाइए।
- हेनले के लूप को लंबा और U-आकार का रखिए, जिसकी दोनों भुजाएँ साथ-साथ चलें।
- समीपस्थ नलिका संपुट से शुरू होती है; दूरस्थ नलिका संग्राहक वाहिनी पर खत्म होती है।
आम गलतियाँ
- समीपस्थ और दूरस्थ कुंडलित नलिकाओं को आपस में बदल देना।
- केशिका गुच्छ को बोमन संपुट के बाहर बना देना।
- संग्राहक वाहिनी बनाना भूल जाना।
वृक्काणु (नेफ्रॉन) चित्र पर परीक्षा प्रश्न
प्रश्नवृक्काणु (नेफ्रॉन) की संरचना का नामांकित चित्र बनाइए।
शुरुआत कप जैसे बोमन संपुट से कीजिए, जिसके अंदर केशिका गुच्छ हो। फिर कुंडलित समीपस्थ नलिका, U-आकार का हेनले का लूप, कुंडलित दूरस्थ नलिका और संग्राहक वाहिनी बनाइए। सभी छह भागों और केशिका गुच्छ तक जाती रुधिर वाहिकाओं को नामांकित कीजिए।
प्रश्नवृक्काणु में मूत्र कैसे बनता है?
केशिका गुच्छ में रक्त छनता है और छनित द्रव बोमन संपुट में इकट्ठा होता है। नलिका में आगे बढ़ते हुए ग्लूकोज़, अमीनो अम्ल, लवण और बहुत-सा जल वापस रक्त में ले लिया जाता है। जो बचता है वह मूत्र है, जो संग्राहक वाहिनी में जाता है।
छात्रों के सवाल
केशिका गुच्छ (ग्लोमेरुलस) का क्या कार्य है?
यह रक्त को छानता है। जल और छोटे घुले हुए पदार्थ इससे बोमन संपुट में चले जाते हैं।
एक वृक्क में कितने वृक्काणु होते हैं?
हर वृक्क में बहुत बड़ी संख्या में, लगभग दस लाख वृक्काणु होते हैं।
नलिका में आगे बढ़ते समय छनित द्रव से क्या वापस लिया जाता है?
ग्लूकोज़, अमीनो अम्ल, लवण और बहुत अधिक मात्रा में जल।
फ़ोन पर अभ्यास करें
ये स्टेप्स मुफ़्त Android ऐप How To Draw Diagram Science से हैं। ऐप में आप हर चित्र देख सकते हैं, स्टेप बाय स्टेप बनाना सीख सकते हैं, भागों पर क्विज़ दे सकते हैं और खुद नामांकित कर सकते हैं।